Living Bliss — Awakening Inner Bliss
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ॐ श्री गुरुभ्यो नमःॐ श्री परमात्मने नमः
Skanda Purāṇa · Vaiṣṇava-khaṇḍa

Puruṣottama-kṣetra-māhātmya · Chapter 1

SkP 2.1.103 · Śloka 103 of 105
Devanāgarī

तत्तथा सर्वमेवात्र मयाप्युक्तं मुनीश्वराः। श्रुत्वा सूतवचस्त्वित्थं ते प्रीतमनसोऽभवन्

सन्धि-विच्छेद

सन्धि-विच्छेद सम्पादकीय समीक्षा के बाद यहाँ प्रदर्शित किया जाएगा।

प्रत्येक शब्द का अर्थ

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अनुवाद

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भाष्य · टीका

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स्रोत संस्करण ↗

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