Living Bliss — Awakening Inner Bliss
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ॐ श्री गुरुभ्यो नमःॐ श्री परमात्मने नमः
Skanda Purāṇa · Vaiṣṇava-khaṇḍa

Puruṣottama-kṣetra-māhātmya · Chapter 1

SkP 2.1.102 · Śloka 102 of 105
Devanāgarī

सूत उवाच। इति मे भगवान्व्यासः प्रोवाच मुनिसेवितः। यथाश्रुतं मया पूर्वं कृष्णद्वैपायनाद्गुरोः

सन्धि-विच्छेद

सन्धि-विच्छेद सम्पादकीय समीक्षा के बाद यहाँ प्रदर्शित किया जाएगा।

प्रत्येक शब्द का अर्थ

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अनुवाद

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भाष्य · टीका

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स्रोत संस्करण ↗

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