Skanda Purāṇa · Vaiṣṇava-khaṇḍa
Puruṣottama-kṣetra-māhātmya · Chapter 1
SkP 2.1.35 · Śloka 35 of 105Devanāgarī
पृथिव्युवाच। मां समुद्धृत्य पातालात्सहस्रफणशोभिते। रत्नपीठ इवोत्तुंगे सरत्नेऽनन्तमूर्धनि। कृत्वा मां सुस्थिरां देव भूधरान्संनिवेश्य च
सन्धि-विच्छेद
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प्रत्येक शब्द का अर्थ
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अनुवाद
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भाष्य · टीका
नामित भाष्यकार और संस्करण-स्रोत के साथ भाष्य जोड़ा जाएगा।
