Skanda Purāṇa · Vaiṣṇava-khaṇḍa
Puruṣottama-kṣetra-māhātmya · Chapter 1
SkP 2.1.2 · Śloka 2 of 105Devanāgarī
तानभ्यगच्छत्कथको व्यासशिष्यो महामतिः। मुनिरुग्रश्रवा नाम रोमहर्षणसम्भवः
सन्धि-विच्छेद
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प्रत्येक शब्द का अर्थ
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अनुवाद
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भाष्य · टीका
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