Skanda Purāṇa · Vaiṣṇava-khaṇḍa
Puruṣottama-kṣetra-māhātmya · Chapter 1
SkP 2.1.22 · Śloka 22 of 105Devanāgarī
जांबूनदमयैर्दिव्यैः सुरत्नाभरणैर्युतम्। विद्युन्मालापरिक्षिप्तशरन्मेघमिवोज्ज्वलम्
सन्धि-विच्छेद
सन्धि-विच्छेद सम्पादकीय समीक्षा के बाद यहाँ प्रदर्शित किया जाएगा।
प्रत्येक शब्द का अर्थ
इस भाषा का अनुवाद तैयार किया जा रहा है।
अनुवाद
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भाष्य · टीका
नामित भाष्यकार और संस्करण-स्रोत के साथ भाष्य जोड़ा जाएगा।
