Living Bliss — Awakening Inner Bliss
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ॐ श्री गुरुभ्यो नमःॐ श्री परमात्मने नमः
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Atharvaveda Śaunaka · Kāṇḍa 20 · Sūkta 50

sukta · sa-Deva

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संस्कृत पाठ · Sanskrit text
कन्नव्यो॑ अत॒सीनां॑ तु॒रो गृ॑णीत॒ मर्त्यः॑ ।
न॒ही न्व॑स्य महि॒मान॑मिन्द्रि॒यं स्वर्गृ॒णन्त॑ आन॒शुः ॥१॥
कदु॑ स्तु॒वन्त॑ ऋतयन्त दे॒वत॒ ऋषिः॒ को विप्र॑ ओहते ।
क॒दा हवं॑ मघवन्निन्द्र सुन्व॒तः कदु॑ स्तुव॒त आ ग॑मः ॥२॥
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ॐ श्री गुरुभ्यो नमःॐ श्री परमात्मने नमः